Monday, January 30, 2023
No menu items!
Google search engine
Homeउत्तराखंडनैनीताल : औषधीय पौधों पर खेती को बड़ावा देना होगा ताकि 72...

नैनीताल : औषधीय पौधों पर खेती को बड़ावा देना होगा ताकि 72 प्रतिशत जंगलों पर इनकी निर्भरता को कम किया जा सके- प्रो. ललित तिवारी

नैनीताल ::- कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के शोध निदेशक प्रो.ललित तिवारी ने बरेली कॉलेज द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला जिसे उत्तरप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है में औषधीय एवं संगंध पौधे पर व्याख्यान दिया। इन पौधो के संरक्षण एवं इनकी खेती को बड़ावा देने का आग्रह किया।

प्रो. तिवारी ने कहा की 52885 औषधि एवं संगंध पौधे पूरे विश्व में पाए जाते है तथा 46 बिलियन डॉलर का कारोबार होता है। प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत की वृद्धि इस कारोबार में देखी गई है।प्रो.तिवारी ने उत्तराखंड के औषधीय पौधो पर व्यापक प्रकाश भी डाला तथा कहा की इनकी खेती को बड़ावा देना होगा ताकि 72 प्रतिशत की जंगलों पर इनकी निर्भरता को कम किया जा सकेगा । भीमताल परिसर के डॉ.संतोष उपाध्याय ने भी कार्यशाला में व्याख्यान दिया उन्होंने कहा के डीएनए मॉलिक्युलर मार्कर पौधो के पहचान में सटीक तरीका है तथा लोगो को ट्यूमर होने पर कैंसर की तरफ सचेत रहना होगा जिसके सही समय पर इसका इलाज हो सके तथा इस रोग से बचा जा सके।
सावधानी ही इसकी रोकथाम कर सकता है।



इस दौरान कार्यशाला में प्रो.आलोक खरे ,डॉ.आशा रानी ,डॉ. शालिनी सक्सेना ,डॉ.गीता तिवारी, डॉ. निशा ,डॉ. सर्वेश सुयाल ,कुमुद सहित 30 प्रतिभागी जिनमें उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड के सहायक प्राध्यापक ,शोधार्थी विद्यार्थी शामिल है। कार्यशाला में प्रो ललित तिवारी ,डॉक्टर संतोष उपाध्याय को फूल भेट कर तथा बैच लगाकर स्वागत किया गया।

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -spot_imgspot_img

ताजा खबरें