Monday, January 30, 2023
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बागेश्वर : बैंकर्स की जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं परामर्श समिति की बैठक

बागेश्वर ::-बैंकर्स की जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं परामर्श समिति की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कहा कि बैंकर्स जनपद का ऋण जमा अनुपात बढ़ायें, साथ ही बैंकवार सीडी रेसो (ऋण जमा अनुपात) बढ़ाने के लिए कार्ययोजना भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैंकर्स को निर्देश दिये कि वे वार्षिक ऋण योजना में कृषि एवं एलाई क्षेत्र के साथ ही सरकार द्वारा संचालित रोजगारपरक योजनाओं में अधिक से अधिक ऋण वितरित करें, ताकि योजनाओं के लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक रोजगारपरक योजनाओं में जो प्रार्थना पत्र प्राप्त हो रहें हैं, उनको त्वरित स्वीकृत कर ऋण वितरित करना सुनिश्चित करें, अनावश्यक ऋण प्रार्थना पत्र अस्वीकृत न किये जाये।

अग्रणी बैंक अधिकारी एनआर जौहरी ने बताया कि वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष के सितम्बर द्वितीय तिमाही तक प्राथमिक क्षेत्र में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 23.94 प्रतिशत ही ऋण वितरित किया गया जबकि गैर प्राथमिकता क्षेत्र में 172.24 प्रतिशत ऋण दिया गया है। कृषि में 4029.23 लाख, फसली ऋण 2639.19 लाख व कृषि मियादी ऋण में 1390.04 लाख, लद्यु उद्योग में 2857.75 लाख, व सेवा व्यवसाय में 1311.66 लाख ऋण वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष में बैंक लिंकेज कराने में द्वितीय तिमाही तक 800 लक्ष्य के सापेक्ष 1036 एसएचजी के प्रार्थना पत्र बैंक को भेजे गये जिसमें से बैंकों द्वारा 339 को ऋण स्वीकृत किये गये। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 400 वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 640 प्रार्थना पत्र बैंकों को भेजे गयें, जिसमें से बैंको द्वारा 297 प्रार्थना पत्रों को स्वीकृत प्रदान करते हुए 139 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनो के अंतर्गत 460 प्रार्थना पत्र बैंको को भेजे गये, जिसमें से 228 को स्वीकृत करते हुए 152 प्रार्थना पत्रों पर ऋण वितरित किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 224 प्रार्थना पत्र बैंको को भेजे गये, बैंको द्वारा 109 को स्वीकृत प्रदान करते हुए 51 प्रार्थना पत्रों पर 84.99 लाख ऋण वितरित किया गया।

जिलाधिकारी ने सभी बैकर्स को जनपद में शत-प्रतिशत पीएम किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनने के निर्देश दियें, ताकि वे कृषि येाजनाओं एवं बीमा का लाभ उठा सकें। उन्होंने लघु, मध्यम उद्योगो को बढावा देकर रोजगार सृजन हेतु एमएसएमई में अधिक से अधिक ऋण वितरण करने के निर्देश दिये।

बैठक में नाबार्ड द्वारा 2023-24 की संभाव्यतायुक्त 37996.17 लाख की ऋण योजना पुस्तक का विमोचन किया गया। ताकि सभी हित धारकों का समन्वित प्रयास करते हुए जिले में होने वाली विकासात्मक गतिविधियों में तेजी लायी जा सके।

बैठक में जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, डीडीएम नाबार्ड गिरीश पंत, क्षेत्रीय महाप्रबंधक यूजीबी महिमन सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर चन्द्रा, महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या, ग्रामोद्योग अधिकारी केएस कम्र्याल, समाज कल्याण अधिकारी हेम तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी ग्रामीण बैक धनी राम, केनरा बैंक नीरज उपाध्याय, एक्सेस बैंक बृजेश सिंह, एनटीबीएल आदित्य डसिला, बीओबी सुभम शर्मा, यूको अशोक डीएस मेहरा सहित बैंकर्स व अधिकारी मौजूद थे।

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