Tuesday, February 7, 2023
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अल्मोड़ा के मंजुलेश्वर पंडा ने आईआईटी इंदौर से एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोफिजिक्स में प्राप्त की सफलतापूर्वक शोध प्रशिक्षुता

अल्मोड़ा::- मंजुलेश्वर पंडा ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी इंदौर के डिपार्टमेंट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग (दासे) से एस्ट्रोफिजिक्स ब्रांच में ” Radar Polarimetry and Interferometry” विषय पर 8 – सप्ताह तक शोध प्रशिक्षु (रिमोट) के तौर पर प्रो. डॉ.यूजी के निर्देशन में काम करने के पश्चात सफलतापूर्वक शोध प्रशिक्षुता हासिल की है। इस रिसर्च प्रोजेक्ट में उन्होंने पोलारिमेट्री व इंटरफेरमेट्री Techniques in an active Synthetic Aperture Radar, EM Wave पोलारिजेशन , PolSAR एनालिसिस , ओवरव्यू ऑफ़ स्पेस बोर्न सेंसरस (SEASAT: NASA/JPL, Shuttle तोपोंग्राफ़िक मिशन , ERS-2: यूरोपन स्पेस एजेंसी ), एवं पोल्सर प्रो पर काम किया।

इसके अतिरिक्त इसी वर्ष उन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ रिमोट सेंसिंग (IIRS) – इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन (ISRO) से ओवरव्यू ऑफ़ ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम, प्लैनेटरी एक्सप्लोरेशन ऑफ़ द मून एंड मार्स, बेसिक्स ऑफ़ जियो कंप्यूटेशन एंड जियो वैब सर्विसेज, जियोस्पेशल एप्लीकेशंस फॉर इकोसिस्टम एनालिसिस, मशीन लर्निंग टू डीप लर्निंग: अ जर्नी फॉर रिमोट सेंसिंग डाटा क्लासिफिकेशन एंड डिटेक्शन विषय पर शोध पाठ्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सफलतापूर्वक सर्टिफिकेशन हासिल किया है। जून 2022 में वे आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पाइथन में भी सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुके हैं। अब वे फिजिक्स के एस्ट्रोनॉमी विषय में विश्व के अग्रणी संस्थानों से शोध करना चाहते हैं।

मंजुलेश्वर पंडा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विवेकानंद इंटर कॉलेज अल्मोड़ा से और अंडरग्रैड नेचरल साइंस में एवं पोस्टग्रैड फिजिक्स विषय में प्रथम श्रेणी के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्राप्त की है।

मंजुलेश्वर के पिता रामदत्त पंडा शिक्षा विभाग में हिंदी विषय में प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) पद से सेवानिवृत एवं माता सरस्वती पंडा गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई उच्च शिक्षा विभाग में फिजिक्स विषय के असिटेंट प्रोफ़ेसर के पद पर तैनात हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर उनके शोध प्रोफेसर, एकेडमिक प्रोफेसर डॉ वाई. चंद्रा, तायाजी, डॉ बीडी पंडा, परिवारजन, विवेकानंद विद्यालय परिवार, भौतिक विज्ञान विभाग कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय , ईएम एस इंस्टीट्यूट तथा कैरियर एंडेवर संस्थान नई दिल्ली ने प्रसन्नता जाहिर कर उज्जवल भविष्य की कामना की है।

वर्तमान में वे आईआईटी कानपुर से सीसीई प्रोग्राम के तहत रिमोट प्रतिभागी के तौर पर क्लासिकल इलेक्ट्रॉमागनेटिस्म विषय पर अध्यनरत हैं। वे स्टीफेन हॉकिंग्स, कार्ल सेगन, नील डिग्रास टाइसन को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं।

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